नशे की अंधेरी गली में भटकता तेंदुआ

Must Read

अवैध शराब के साये में सिसकती आस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य

लोरमी -कहते हैं नशा जब गाँव की दहलीज लांघकर गलियों का स्थायी बसेरा बन जाता है, तो सभ्यता की ईंटें दरकने लगती हैं। कुछ ऐसा ही मंजर इन दिनों करगीरोड, तेंदुआ-जूनापारा चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत तेंदुआ में देखने को मिल रहा है। यहाँ अवैध शराब की खुलेआम बिक्री ने ग्रामीण जीवन की शांति को लील लिया है, जिससे महिलाएं, बुजुर्ग और नौनिहाल भय के साये में जीने को विवश हैं।

श्रद्धा के पथ पर नशे का पहरा

जिस मार्ग पर क्षेत्र का प्रसिद्ध धुंधी माता मंदिर स्थित है, जहाँ नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धा का मेला लगा है, उसी मार्ग पर शासकीय शराब भट्ठी का होना आस्था पर कुठाराघात जैसा है। नशे में धुत मदिराप्रेमी सड़कों पर अचेत पड़े रहते हैं, जिससे माता के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल असहजता का सामना करना पड़ता है, बल्कि अश्लील छींटाकशी और भय के वातावरण से भी गुजरना पड़ता है।

उपचार के द्वार पर उपद्रव

विडंबना देखिए, इसी मार्ग पर शासकीय अस्पताल भी संचालित है। उपचार की आस में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल के बाहर मंडराते शराबियों की गाली-गलौज और अशोभनीय हरकतों का सामना करना पड़ता है। जहाँ मरहम लगना चाहिए, वहाँ नशा जख्म दे रहा है।

गली-गली में महुए का जहर, शाम ढलते ही घरों में कैद होती आधी आबादी

भट्ठी की शराब के साथ-साथ गाँव के दर्जनों घरों में कच्ची महुए की अवैध शराब धड़ल्ले से बिक रही है। शाम का धुंधलका घिरते ही गाँव के चौक-चौराहे मयखाने में तब्दील हो जाते हैं। शराब के नशे में हुड़दंग और गाली-गलौज से महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया है। स्कूली बच्चे सहमे-सहमे स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं।

ग्राम पंचायत तेंदुआ के उपसरपंच प्रतिनिधि विनोद जांगड़े ने कहा कि “शराब पीनी है तो अपने घर की चारदीवारी में पिएं, दूसरों के घर के बाहर हुड़दंग और गाली-गलौज न करें।”

वार्ड क्रमांक 15 के पंच देवचरण कुर्रे ने कहा कि भट्ठी के पास घनी आवासीय बस्ती है, वहाँ शराब पीकर उत्पात न मचाया जाए।

वहीं वार्ड क्रमांक 18 के पंच मनोज राजपूत ने कहा कि यह धुंधी महामाई, अस्पताल और स्कूल का मुख्य मार्ग है, इसे नशे का अड्डा न बनाया जाए।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से माँग की है कि अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाकर दोषियों पर कठोर कार्यवाही की जाए, ताकि गाँव की फिजा में फिर से अमन-चैन लौट सके।

Latest News

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर: छत्तीसगढ़ में स्कूलों की छुट्टी, खेतों में बिछी धान की फसल; आंध्र में भारी तबाही

रायपुर- बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी...

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img