मोबाइल-टीवी व फ्रिज के लिए कर्ज सालभर में 45% बढ़ा:

Must Read

रायपुर-देश में लोगों के कर्ज लेने के तौर-तरीकों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। क्रेडिट ब्यूरो क्रिफ (CRIF) की रिपोर्ट के अनुसार, टीवी, फ्रिज, मोबाइल और अन्य घरेलू उपकरणों (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) की खरीद के लिए लिया जाने वाला कर्ज अगस्त 2026 में 45.3% बढ़कर 1.29 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल अगस्त 2025 में इसकी वृद्धि दर केवल 8.9% थी, जिससे साफ है कि इसमें करीब 5 गुना की भारी बढ़ोतरी हुई है।

अखबार के अनुसार, प्रमुख कर्ज श्रेणियों में बदलाव और उपभोक्ताओं के बदलते ट्रेंड्स इस प्रकार हैं:

होम लोन से दोगुना कर्ज वाहनों के लिए

रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, होम लोन की तुलना में लोग वाहनों के लिए लगभग दोगुनी रफ्तार से कर्ज ले रहे हैं। अगस्त 2026 में वाहन कर्ज (ऑटो लोन) में 18.0% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि होम लोन में यह वृद्धि केवल 10.6% रही। वहीं, पर्सनल लोन में 13.8% और क्रेडिट कार्ड बकाया में सबसे कम 1.1% की सालाना वृद्धि देखी गई है।

छोटे शहरों की हिस्सेदारी बढ़ी, महिलाओं ने लिया ज्यादा कर्ज

  • छोटे शहरों का दबदबा: नए लोन लेने के मामले में देश के टॉप 100 शहरों से बाहर के छोटे शहरों (छोटे कस्बों) की हिस्सेदारी 40.3% से बढ़कर 45.2% हो गई है। वहीं बड़े महानगरों का हिस्सा घटा है।
  • महिला कर्जदार: कर्ज लेने के मामले में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। वित्त वर्ष 2023 के 24.4% के मुकाबले अगस्त 2026 में महिला कर्जदारों की संख्या बढ़कर 27.6% हो गई है।
  • युवाओं में गिरावट: 30 साल तक के कम उम्र के कर्ज लेने वाले युवाओं की हिस्सेदारी में मामूली गिरावट आई है, जो 38.1% से घटकर 37.5% रह गई है।

प्रति कर्जदार औसत बकाया में 88 हजार की बढ़ोतरी

रिपोर्ट बताती है कि पिछले दो साल में देश में प्रति कर्जदार औसत बकाया 4.82 लाख रुपये से बढ़कर 5.70 लाख रुपये हो गया है। यानी दो वर्षों के भीतर प्रत्येक कर्जदार पर औसत कर्ज का बोझ करीब 88 हजार रुपये बढ़ चुका है।

क्यों बढ़ रहा है कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन?

बैंकिंग और फाइनेंस एक्सपर्ट डॉ. जीवी जोशी के अनुसार, इसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:

  1. आकर्षक और लुभावने ऑफर्स: बाजार में ग्राहकों को लुभाने के लिए ‘6 माह तक बिना भुगतान’ (नो-कॉस्ट ईएमआई) जैसे आसान और बिना शुरुआती पेमेंट वाले विकल्प मिल रहे हैं।
  2. ऑनलाइन फाइनेंस की सुगमता: त्योहारों का इंतजार किए बिना, लोग अब तुरंत ऑनलाइन फाइनेंस और डिजिटल लोन के जरिए खरीदारी को तरजीह दे रहे हैं।
Latest News

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर: छत्तीसगढ़ में स्कूलों की छुट्टी, खेतों में बिछी धान की फसल; आंध्र में भारी तबाही

रायपुर- बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी...

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img