रायपुर– बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार छत्तीसगढ़ में राहत की खबर यह है कि ‘अर्नब’ की तीव्रता अब घट गई है, जिससे राज्य पर मंडरा रहा तबाही का बड़ा संकट टल गया है। इसके बावजूद तेज हवाओं और असमय बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
छत्तीसगढ़: राजधानी समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी
चक्रवात के असर और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। एहतियात के तौर पर रायपुर, बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के अधिकांश जिलों में आज स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। रायपुर में रात तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
किसानों को सलाह: जल्द काटें पकी फसल, गेहूं-चना अभी न बोएं
तूफान के कारण 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और बारिश ने खेतों में खड़ी तैयार धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। जगदलपुर और आसपास के इलाकों में धान की फसलें खेतों में बिछ गई हैं।
इस स्थिति को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है:
- फसल की तुरंत कटाई: किसान धान, मक्का और तिलहन की पकी हुई फसलों की जल्द से जल्द कटाई कर लें।
- जल निकासी: खेतों में खड़ी तैयार धान की फसल को आड़ा होने (गिरने) से बचाने के लिए खेतों से तुरंत पानी निकालने का प्रबंध करें।
- बुआई रोकें: कटी हुई फसल को खेतों में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रखें। साथ ही, बारिश की आशंका को देखते हुए अभी गेहूं, चना और मसूर की बुआई न करने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश में ‘अर्नब’ का तांडव: 5 की मौत, 55 हजार लोगों को बचाया गया
आंध्र प्रदेश में बुधवार को इस चक्रवात ने भीषण तबाही मचाई। विशाखापत्तनम और बापटला तट के बीच टकराने के बाद 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और भारी बारिश के कारण 5 लोगों की मौत हो गई।
- तूफान के चलते सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए, सड़कें पूरी तरह ब्लॉक हो गईं और एक पुल भी ढह गया।
- एनडीआरएफ (NDRF) की 39 टीमों ने मुस्तैदी से काम करते हुए प्रभावित इलाकों से करीब 55,000 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
- भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, तूफान गुजरते ही बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 26 हजार नए पोल मंगाए गए हैं और 8400 कर्मचारी लगातार बिजली सप्लाई शुरू करने में जुटे हैं।
इन राज्यों में भी अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, ‘अर्नब’ के प्रभाव और एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण देश के 14 राज्यों में बारिश का मौसम बना हुआ है। इसमें ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश और बंगाल शामिल हैं, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

