लोरमी-नट समाज के लोग 6 महीनों से अपने बच्चों का स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए (एसडीएम कार्यालय) के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। समस्या को लेकर आज नट समाज के पदाधिकारी विश्राम गृह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात करने पहुंचे थे, लेकिन माननीय के व्यस्त कार्यक्रम के चलते उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।
समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार नट ने बताया कि समाज के छात्र-छात्राओं का जाति प्रमाण पत्र पिछले कई महीनों से जारी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशल बंदोबस्त’ (पुराने राजस्व रिकॉर्ड) के अभाव में पूर्व में ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाते थे। उसी आधार पर वर्तमान बच्चों के माता-पिता के प्रमाण पत्र बने थे, लेकिन अब प्रशासन उसी पंचायत प्रस्ताव को मानने से इनकार कर रहा है, जिससे बच्चों के स्थायी जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं।
शिक्षा की राह में रुकावट और योजनाओं से वंचित-
प्रदेश अध्यक्ष ने दुख जताते हुए कहा कि नट समाज विकास की मुख्य धारा से कोसों दूर है। यह समाज अत्यंत गरीबी में भिक्षावृत्ति कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। समाज में फैली अशिक्षा और रूढ़िवादिता के बीच कुछ बुद्धिजीवी लोगों के अथक प्रयासों से अब बच्चे शिक्षा से जुड़ रहे हैं। कुछ छात्र कॉलेज (महाविद्यालय) स्तर की पढ़ाई भी कर रहे हैं, लेकिन अब जाति प्रमाण पत्र न होने के कारण उनके आगे की पढ़ाई और भविष्य के रास्ते में बड़ा रोड़ा अटक गया है। प्रमाण पत्र के अभाव में छात्र शासन की कई जनकल्याणकारी और शैक्षणिक योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह रहे हैं।
केवल मुंगेली जिले में आ रही समस्या-
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि पंचायत प्रस्ताव के आधार पर स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था बाकी जिलों में सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन यह समस्या मुख्य रूप से मुंगेली जिले में ही आ रही है। सबसे पिछड़ी जाति होने के कारण प्रशासन स्तर पर भी उनकी इस गंभीर समस्या को कोई गंभीरता से नहीं सुन रहा है। आज उपमुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार नट के साथ अमृत लाल नट (संयुक्त सचिव), जितेंद्र कुमार नट (कोषाध्यक्ष), संजय कुमार नट (सह कोषाध्यक्ष), उमेद नट (मीडिया प्रभारी), दुर्गेश नट (सदस्य), सुरेश कुमार नट (पूर्व सरपंच), शिवकुमार नट (जिला अध्यक्ष, बेमतेरा), सतीश कुमार नट (नवयुवक अध्यक्ष), समीर कुमार नट (उपाध्यक्ष), सुरेंद्र कुमार नट (सचिव), राहुल नट (सहसचिव), विनोद कुमार नट (सदस्य), किशन कुमार नट (सदस्य), राघवेंद्र नट, मोहन कुमार नट, उमेश नट, संतोष कुमार नट छिरहा, कमलेश कुमार नट डोडा, अजीत कुमार नट खपरी, गोविंद राम नट, दीपक नट गोड़खामही और सुभाष नट आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।

