राधा-कृष्ण के निस्वार्थ प्रेम का संदेश देती है रहस लीला : अरुण साव
परंपराएं केवल मनोरंजन नहीं, जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
लोरमी। उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री अरुण साव आज लोरमी के परदेशीकापा में आयोजित रहस लीला (श्रीकृष्ण रासलीला) कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रहस लीला हमारे गांवों की समृद्ध परंपरा है, जिसमें राधा-कृष्ण के निस्वार्थ प्रेम को नृत्य और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।

श्री साव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि कृष्ण परमात्मा के प्रतीक हैं और राधा जीवात्मा का स्वरूप हैं। आत्मा और परमात्मा के मिलन के इस भाव को रहस लीला के माध्यम से सहज रूप में प्रदर्शित किया जाता है।

श्री साव ने कहा कि यह परंपरा व्यक्ति के जीवन को श्रेष्ठ बनाने और निस्वार्थ भाव से ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग दिखाती है। प्रेम, श्रद्धा और निष्काम भाव से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है, जिसका संदेश राधा-कृष्ण के प्रेम से मिलता है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी परंपराएं केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, यह समाज को सही दिशा देने का कार्य करती हैं। नवधा रामायण, पंथी नृत्य और रहस लीला जैसे आयोजन हमें अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं और जीवन के मूल्यों की याद दिलाते हैं।

जिला पंचायत सभापति श्रीमती रत्ना काटले जी,परदेशीकापा सरपंच श्रीमती भगवती खांडेकर जी, उप सरपंच नवलकुमार खरे जी, स्वारथ दिवाकर जी, जनक भास्कर जी, भागवत, दिनेश बंजारे जी, जनपद सदस्य दुलेश्वरी धर्मेंद्र बघेल जी, मनहरन जी, प्रदीप बंजारे जी, सरपंच गण, पंचगण जनपद सदस्य प्रदीप गायकवाड़ जी, गुरमीत सलूजा जी, विक्रम सिंह ठाकुर जी, रवि शर्मा जी, मंडल अध्यक्षगण सुशील यादव जी, दिनेश कश्यप जी, राजेंद्र साहू जी, लेखराज ठाकुर जी, रामेश्वर बंजारे जी, यशवंत बंजारे जी, घनेद्र राजपूत जी एवंबड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

